गाउट क्या है?
गाउट सूजन वाले गठिया का एक प्रकार है। शरीर में लंबे समय तक यूरेट का स्तर बढ़ने पर जोड़ में सुई जैसे क्रिस्टल बन सकते हैं। इससे अचानक तेज दर्द, सूजन, लालिमा और जोड़ छूने पर बहुत अधिक संवेदनशीलता होती है। रक्त में यूरेट अधिक होने वाले हर व्यक्ति को गाउट नहीं होता।
दौरा अक्सर रात में शुरू होता है। पैर के बड़े अंगूठे का जोड़ सामान्य स्थान है, लेकिन टखना, घुटना, कोहनी, कलाई या उँगलियाँ भी प्रभावित हो सकती हैं।
गाउट के कारण: यूरेट बढ़ना
प्यूरीन नामक पदार्थ शरीर के ऊतकों और कई खाद्य पदार्थों में होते हैं। इनके टूटने पर यूरेट बनता है। आमतौर पर गुर्दे इसे पेशाब के रास्ते बाहर निकालते हैं। शरीर में अधिक यूरेट बनने या पर्याप्त बाहर न निकल पाने पर उसका स्तर बढ़ सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर जोड़ और आसपास के ऊतकों में क्रिस्टल बनकर सूजन पैदा कर सकते हैं।
जोखिम कारक
कुछ कारक गाउट का जोखिम बढ़ा सकते हैं:
- भोजन और पेय: कुछ लोगों में अधिक लाल मांस, अंगों का मांस, कुछ समुद्री खाद्य पदार्थ या मीठे पेय जोखिम से जुड़े होते हैं।
- शराब: विशेषकर अधिक मात्रा में पीना जोखिम बढ़ा सकता है।
- अधिक वजन: यह शरीर में यूरेट के स्तर और गाउट के जोखिम से जुड़ा है।
- दूसरी स्वास्थ्य स्थितियाँ: उच्च रक्तचाप, गुर्दे की पुरानी बीमारी, मधुमेह और मेटाबोलिक सिंड्रोम जोखिम से जुड़े हो सकते हैं।
- कुछ दवाएँ: मूत्रवर्धक दवाएँ और कम खुराक वाली एस्पिरिन जोखिम बढ़ा सकती हैं। कोई निर्धारित दवा स्वयं बंद न करें; डॉक्टर से विकल्पों पर बात करें।
- उम्र और लिंग: गाउट पुरुषों में अधिक आम है। महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद जोखिम बढ़ता है।
- पारिवारिक प्रवृत्ति: परिवार में गाउट होना भी जोखिम से जुड़ा है।
लक्षण
गाउट का दौरा बिना चेतावनी शुरू हो सकता है। लक्षणों में शामिल हैं:
- तेज जोड़ दर्द: दर्द अचानक बहुत अधिक हो सकता है और रात में नींद खोल सकता है।
- दर्द के बाद असुविधा: तेज दर्द कम होने के बाद भी जोड़ कुछ समय संवेदनशील रह सकता है।
- सूजन और लालिमा: जोड़ गर्म, सूजा और छूने पर दर्दनाक हो सकता है।
- जोड़ हिलाने में कठिनाई: सूजन के कारण सामान्य गतिविधि सीमित हो सकती है।
- टोफ़ाई: लंबे समय तक बिना उपचार वाले गाउट में त्वचा के नीचे यूरेट क्रिस्टल की सख्त गाँठें बन सकती हैं।
निदान और उपचार
निदान: डॉक्टर लक्षण, स्वास्थ्य इतिहास और प्रभावित जोड़ की जाँच करते हैं। ज़रूरत के अनुसार ये परीक्षण किए जा सकते हैं:
- जोड़ के तरल की जाँच: कुछ स्थितियों में जोड़ से तरल लेकर सूक्ष्मदर्शी से यूरेट क्रिस्टल देखे जाते हैं।
- रक्त जाँच: यूरेट और गुर्दे के कामकाज की जाँच की जा सकती है। अकेले रक्त में यूरेट का स्तर गाउट की पुष्टि नहीं करता।
- चित्र आधारित जाँच: अल्ट्रासाउंड या विशेष सीटी जाँच से क्रिस्टल और अन्य संभावित कारण देखे जा सकते हैं।
उपचार: लक्ष्य मौजूदा दौरे का दर्द कम करना और भविष्य के दौरे तथा जोड़ को होने वाला नुकसान रोकना है। डॉक्टर स्थिति के अनुसार विकल्प चुनते हैं:
- दौरे के समय: गैर-स्टेरॉयडल सूजनरोधी दवाएँ, कोल्चिसीन या कॉर्टिकोस्टेरॉयड दिए जा सकते हैं। इन दवाओं के जोखिम और उपयुक्तता व्यक्ति की दूसरी बीमारियों तथा दवाओं पर निर्भर करती है।
- यूरेट कम करने के लिए: बार-बार दौरे या टोफ़ाई होने पर डॉक्टर एलोप्यूरिनॉल, फ़ेबुक्सोस्टैट या कुछ परिस्थितियों में प्रोबेनेसिड जैसी दवाओं पर विचार कर सकते हैं। ऐसी दवा नियमित लेने और निगरानी की योजना डॉक्टर से तय करें।
- जीवनशैली: उपयुक्त वजन बनाए रखना, शराब और मीठे पेय कम करना तथा आहार पर विशेषज्ञ से सलाह लेना मदद कर सकता है। बार-बार दौरे होने पर केवल आहार बदलना पर्याप्त नहीं हो सकता।
चिकित्सकीय जानकारी संबंधी सूचना
चिकित्सकीय अस्वीकरण: यह लेख सामान्य शैक्षिक जानकारी है, व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह नहीं। अचानक बहुत गर्म और सूजे जोड़ का कारण संक्रमण भी हो सकता है; विशेषकर बुखार के साथ तुरंत चिकित्सकीय जाँच कराएँ। गाउट की दवा का चुनाव गुर्दे के कामकाज और दूसरी स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार होता है। स्वयं निदान या दवा बदलने से बचें।
गाउट को लेकर आम भ्रांतियाँ
गाउट केवल अधिक मांस खाने या शराब पीने से नहीं होता। आनुवंशिक प्रवृत्ति, गुर्दे का कामकाज, दूसरी बीमारियाँ और दवाएँ भी भूमिका निभा सकती हैं। एक और गलतफहमी यह है कि दर्द घटते ही हर दवा बंद की जा सकती है। बार-बार दौरे वाले लोगों में यूरेट को लंबे समय तक नियंत्रित रखना ज़रूरी हो सकता है। अपनी उपचार योजना डॉक्टर से तय करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या गाउट सिर्फ अधिक मांस या शराब लेने वालों को होता है? नहीं। कई दूसरे जोखिम कारक भी हैं, और अधिक यूरेट वाले हर व्यक्ति को गाउट नहीं होता।
2. दर्द घटने पर दवा बंद कर सकते हैं? डॉक्टर से पूछे बिना नहीं। दौरे की दवा और यूरेट कम करने वाली दीर्घकालिक दवा अलग उद्देश्यों के लिए दी जाती हैं।
3. क्या गाउट नियंत्रित हो सकता है? हाँ। सही निदान, दवा और जीवनशैली में बदलाव से कई लोग दौरे रोक सकते हैं या उनकी तीव्रता कम कर सकते हैं।