गठिया क्या है?
गठिया जोड़ों में सूजन और दर्द से जुड़ी स्थितियों के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान्य शब्द है। यह एक अकेली बीमारी नहीं है; गठिया और उससे जुड़ी स्थितियों के 100 से अधिक प्रकार बताए जाते हैं, जिनके कारण और उपचार अलग-अलग हो सकते हैं। गठिया मुख्यतः वयस्कों में होता है, लेकिन कुछ प्रकार बच्चों में भी होते हैं। प्रभावित जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन के कारण उन्हें हिलाना कठिन हो सकता है।
गठिया के प्रकार
गठिया के कुछ प्रमुख प्रकार ये हैं:
- ऑस्टियोआर्थ्राइटिस (OA): यह सबसे आम प्रकार है। इसमें जोड़ों की हड्डियों के सिरों को ढकने वाली उपास्थि (कार्टिलेज) समय के साथ प्रभावित होती है।
- रुमेटॉइड आर्थ्राइटिस (RA): यह प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी स्थिति है, जिसमें शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र जोड़ों के स्वस्थ ऊतकों, विशेषकर उनकी भीतरी परत, पर हमला करता है।
- सोरियाटिक आर्थ्राइटिस (PsA): यह सोरायसिस वाले कुछ लोगों में हो सकता है और त्वचा के साथ जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है।
- गाउट: इसमें जोड़ों के भीतर यूरेट क्रिस्टल बनते हैं और अचानक दर्द तथा सूजन का दौरा हो सकता है। पैर का बड़ा अंगूठा अक्सर प्रभावित होता है।
- जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थ्राइटिस (JIA): यह बच्चों में होने वाला पुराना गठिया का एक प्रमुख प्रकार है।
गठिया के लक्षण
लक्षण गठिया के प्रकार के अनुसार बदल सकते हैं। सामान्य लक्षणों में ये शामिल हैं:
- जोड़ों में दर्द: लगातार या बीच-बीच में दर्द।
- अकड़न: खासकर सुबह उठने के बाद जोड़ों को हिलाने में कठिनाई।
- सूजन: प्रभावित जोड़ के आसपास सूजन, कभी-कभी लालिमा और गर्माहट।
- गतिशीलता में कमी: जोड़ को पहले की तरह आसानी से न हिला पाना।
- थकान: कुछ प्रकारों, विशेषकर प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी स्थितियों, में लगातार थकान।
कारण और जोखिम कारक
सटीक कारण गठिया के प्रकार पर निर्भर करता है। कुछ प्रकारों के जोखिम से जुड़े कारक ये हैं:
- पारिवारिक इतिहास: कुछ प्रकारों में आनुवंशिक प्रवृत्ति भूमिका निभा सकती है।
- उम्र: बढ़ती उम्र के साथ ऑस्टियोआर्थ्राइटिस का जोखिम बढ़ता है।
- लिंग: रुमेटॉइड आर्थ्राइटिस महिलाओं में और गाउट पुरुषों में अधिक देखा जाता है।
- पहले लगी चोट: जिस जोड़ में पहले चोट लगी हो, उसमें आगे चलकर ऑस्टियोआर्थ्राइटिस का जोखिम अधिक हो सकता है।
- अधिक वजन: अतिरिक्त वजन घुटनों और कूल्हों जैसे भार सहने वाले जोड़ों पर दबाव बढ़ाता है।
निदान
डॉक्टर लक्षणों और शारीरिक जाँच के आधार पर गठिया का प्रकार समझते हैं। ज़रूरत के अनुसार वे ये जाँचें सुझा सकते हैं:
- शारीरिक जाँच: जोड़ों में दर्द, सूजन और उन्हें हिलाने की क्षमता की जाँच।
- खून की जाँच: संदिग्ध स्थिति के अनुसार रुमेटॉइड फ़ैक्टर (RF), एंटी-CCP एंटीबॉडी, ANA या यूरिक एसिड की जाँच। अकेला जाँच परिणाम निदान तय नहीं करता।
- इमेजिंग: एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या एमआरआई से जोड़ों में बदलाव का आकलन।
चिकित्सकीय जानकारी संबंधी सूचना
चिकित्सकीय अस्वीकरण: यह लेख केवल शैक्षिक जानकारी के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। जोड़ों में दर्द या सूजन होने पर सही कारण और उचित उपचार जानने के लिए योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
जोड़ों के लक्षणों के साथ कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
कई तरह के हल्के जोड़ों के दर्द की नियमित अपॉइंटमेंट में जाँच हो सकती है, लेकिन कुछ लक्षणों के लिए तत्काल देखभाल ज़रूरी है। यदि कोई जोड़ अचानक बहुत सूज जाए, लाल या गर्म हो और बुखार भी हो, तो जोड़ में संक्रमण सहित गंभीर कारणों की तुरंत जाँच कराएँ। चोट के बाद जोड़ पर भार न डाल पाना भी तुरंत जाँच की वजह है। जोड़ों के दर्द के साथ बिना कारण वजन घटना, लगातार थकान या त्वचा पर चकत्ते होने पर जल्द डॉक्टर से सलाह लें, ताकि कारण का पता लगाया जा सके। लक्षणों को अनदेखा करने से उचित उपचार में देरी हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या हर बार जोड़ों में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है? हल्के, कभी-कभार होने वाले दर्द के लिए नियमित सलाह पर्याप्त हो सकती है। बुखार के साथ अचानक तेज़ सूजन, लाल या गर्म जोड़, या चोट के बाद भार न डाल पाने की स्थिति में तुरंत जाँच कराएँ।
2. जोड़ में संक्रमण कितना गंभीर हो सकता है? सेप्टिक आर्थ्राइटिस एक चिकित्सकीय आपातस्थिति है। जल्दी उपचार न मिलने पर जोड़ को स्थायी नुकसान हो सकता है।
3. क्या जोड़ों के दर्द के साथ दूसरे लक्षण हमेशा प्रतिरक्षा तंत्र की बीमारी का संकेत हैं? नहीं। कई कारण संभव हैं। लगातार थकान, चकत्ते या बिना कारण वजन घटने जैसे लक्षणों की डॉक्टर से जाँच कराएँ।