हर्पीज का सही निदान इस बात पर निर्भर करता है कि लक्षण/घाव मौजूद हैं या नहीं। ताज़े घाव से NAAT/PCR स्वैब जननांग हर्पीज की पुष्टि के सबसे संवेदनशील तरीकों में माना जाता है। खून की जाँच चुनिंदा स्थितियों में उपयोगी है, लेकिन इसकी सीमाएँ समझना ज़रूरी है।
ताज़ा छाला/अल्सर मौजूद हो तो घाव की PCR/NAAT जाँच सबसे उपयोगी हो सकती है। प्रकार-विशेष HSV एंटीबॉडी खून जाँच संक्रमण का प्रमाण बता सकती है, लेकिन संक्रमण की सटीक तारीख़ या स्थान नहीं बताती। HSV IgM जाँच अनुशंसित नहीं है।
1. PCR/NAAT स्वैब
चिकित्सक घाव से नमूना लेकर HSV DNA पकड़ सकता है और अक्सर HSV-1 बनाम HSV-2 की पहचान (टाइपिंग) भी मिल सकती है। घाव ताज़ा होने पर नतीजा बेहतर होता है।
2. वायरल कल्चर
कल्चर कुछ स्थितियों में इस्तेमाल होता है, लेकिन बार-बार होने वाले या ठीक हो रहे घावों में इसकी संवेदनशीलता कम हो सकती है। नेगेटिव कल्चर हमेशा HSV को ख़ारिज नहीं करता।
3. प्रकार-विशेष खून की जाँच
प्रकार-विशेष सीरलॉजी HSV-1 या HSV-2 के एंटीबॉडी पकड़ती है। यह तब उपयोगी हो सकती है जब बार-बार होने वाले या असामान्य लक्षण हों लेकिन घाव की जाँच नेगेटिव/उपलब्ध न हो, या साथी के संदर्भ में चिकित्सक इसे उचित समझें।
खून की जाँच की सीमाएँ
- हाल के संक्रमण में एंटीबॉडी बनने में समय लग सकता है
- कम-पॉज़िटिव HSV-2 नतीजों में गलत-पॉज़िटिव की संभावना हो सकती है; पुष्टि-जाँच की ज़रूरत पड़ सकती है
- HSV-1 एंटीबॉडी यह नहीं बताती कि संक्रमण मुँह का है या जननांग का
- एंटीबॉडी जाँच संक्रमण की सटीक तारीख़ नहीं बताती
HSV IgM जाँच क्यों नहीं?
CDC HSV IgM जाँच की सलाह नहीं देता, क्योंकि यह प्रकार-विशेष नहीं है और बार-बार होने वाले एपिसोड में भी पॉज़िटिव आ सकती है, जिससे नतीजे का अर्थ गलत लगाया जा सकता है।
घर या ऑनलाइन रिपोर्ट देखकर एंटीवायरल दवा खुद से शुरू या बंद न करें। जाँच के नतीजे को लक्षणों, संपर्क के इतिहास और पिछले नतीजों के साथ समझा जाना चाहिए।
जाँच कब कराने पर विचार करें?
नए संदिग्ध घाव, बार-बार होने वाले अकारण लक्षण, साथी का निदान या चिकित्सक द्वारा सुझाई गई STI जाँच जैसी स्थितियों में जाँच उपयोगी हो सकती है। बिना लक्षण वाले हर व्यक्ति के लिए नियमित स्क्रीनिंग अपने-आप अनुशंसित नहीं है।
लक्षण गाइड: हर्पीज के लक्षण • उपचार: हर्पीज का उपचार
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नेगेटिव खून जाँच तुरंत हाल के संक्रमण को ख़ारिज कर देती है?
हर बार नहीं। शुरुआती जाँच में एंटीबॉडी पकड़ में न आएँ; चिकित्सक दोबारा जाँच का समय बता सकता है।
क्या PCR नेगेटिव होने से हर्पीज पूरी तरह ख़ारिज है?
नमूने का समय, घाव की उम्र और स्थान मायने रखते हैं। नैदानिक संदर्भ ज़रूरी है।
क्या खून की जाँच से पता चलता है कि संक्रमण कब हुआ?
नहीं। सटीक समय भरोसेमंद ढंग से तय नहीं होता।
स्रोत और चिकित्सकीय संदर्भ
यह लेख मौजूदा नैदानिक और सार्वजनिक-स्वास्थ्य मार्गदर्शन के आधार पर रोगी शिक्षा के लिए तैयार किया गया है।