अस्थमा के प्रबंधन में दवाओं की भूमिका सबसे अहम है, लेकिन यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि क्या आहार और जीवनशैली का अस्थमा पर कोई प्रभाव पड़ता है? इसका जवाब है—हाँ।
खाद्य एलर्जी और अस्थमा
कुछ लोगों में खाने से होने वाली एलर्जी सीधे तौर पर अस्थमा अटैक को ट्रिगर कर सकती है। इसे फूड-इंड्यूस्ड अस्थमा कहा जाता है। सामान्य खाद्य एलर्जेन में शामिल हैं:
- मूंगफली और ट्री नट्स
- गाय का दूध और डेयरी उत्पाद
- अंडे
- शेलफिश और मछलियां
- गेहूं (ग्लूटेन)
यदि आपको इनमें से किसी से एलर्जी है, तो इसके सेवन से एनाफिलेक्सिस (एक गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया) और ब्रोंकोस्पैज़्म (सांस की नली का सिकुड़ना) हो सकता है।
सल्फाइट्स और खाद्य प्रिजर्वेटिव्स
सल्फाइट्स एक प्रकार के प्रिजर्वेटिव हैं जो खाद्य पदार्थों और पेय में पाए जाते हैं। अस्थमा के कई मरीजों में सल्फाइट्स के कारण लक्षण बढ़ सकते हैं। सल्फाइट्स आमतौर पर इनमें पाए जाते हैं:
- वाइन और बीयर
- सूखे मेवे (जैसे खुबानी और किशमिश)
- प्रोसेस्ड आलू
- अचार
मोटापा और अस्थमा
वैज्ञानिक शोध से साबित हुआ है कि मोटापा अस्थमा के खतरे को बढ़ाता है और इसे नियंत्रित करना मुश्किल बना देता है।
- अधिक वजन होने से फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
- मोटापा शरीर में प्रणालीगत सूजन पैदा करता है, जो श्वसन नलिकाओं को भी प्रभावित करती है।
- वजन कम करने से अस्थमा के लक्षणों में काफी सुधार देखा गया है।
सूजन-रोधी आहार
हालांकि कोई 'अस्थमा डाइट' नहीं है जो इसे पूरी तरह ठीक कर दे, लेकिन सूजन-रोधी आहार का पालन करने से फेफड़ों का स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है:
- विटामिन D: शरीर में विटामिन D की कमी से अस्थमा के गंभीर लक्षण हो सकते हैं।
- एंटीऑक्सीडेंट: ताजे फल और सब्जियां (विशेष रूप से सेब, गाजर और पत्तेदार सब्जियां) ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करती हैं।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड: मछलियों, अलसी और चिया सीड्स में मौजूद ओमेगा-3 शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
चिकित्सीय जानकारी सूचना
चिकित्सीय अस्वीकरण: अपने आहार में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन से परामर्श लें। प्रामाणिक स्रोत: यह जानकारी CDC (सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) और पोषण व श्वसन स्वास्थ्य के नवीनतम शोध पर आधारित है।
कौन-से खाद्य पदार्थ सूजन बढ़ा सकते हैं
जिस तरह कुछ खाद्य पदार्थ अस्थमा के लक्षणों में मदद कर सकते हैं, कुछ अन्य खाद्य पदार्थ प्रणालीगत सूजन को बढ़ा सकते हैं और लक्षणों को खराब कर सकते हैं। प्रोसेस्ड और तले हुए खाद्य पदार्थ, अधिक चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट को कुछ अध्ययनों में बढ़ी हुई सूजन से जोड़ा गया है। कुछ लोगों में सल्फाइट्स (जो वाइन और सूखे मेवे जैसे संरक्षित खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं) भी ट्रिगर का काम कर सकते हैं। हालांकि खाद्य ट्रिगर हर व्यक्ति में अलग होते हैं, इसलिए एक सामान्य आहार से हटकर अपनी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया को समझना ज़्यादा उपयोगी होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या अस्थमा के मरीज़ों को पूरी तरह चीनी छोड़ देनी चाहिए? पूरी तरह छोड़ना ज़रूरी नहीं, लेकिन अत्यधिक मात्रा में रिफाइंड चीनी कम करना समग्र स्वास्थ्य और सूजन नियंत्रण के लिए फायदेमंद हो सकता है।
2. सल्फाइट्स से किसे ज़्यादा सावधान रहना चाहिए? जिन लोगों को पहले सल्फाइट-संवेदनशीलता का अनुभव हुआ हो, उन्हें संरक्षित खाद्य पदार्थों, वाइन और सूखे मेवों से सावधान रहना चाहिए।
3. क्या खाद्य ट्रिगर सभी अस्थमा मरीज़ों में समान होते हैं? नहीं, ये व्यक्ति-व्यक्ति में अलग होते हैं। अपने व्यक्तिगत ट्रिगर पहचानने के लिए भोजन-लक्षण डायरी रखना मददगार हो सकता है।